
इमरान पारेख कोण्डागांव जिला ब्यूरो
*ग्राम मोहपाल के ग्रामीणों ने जताई आपत्ति, जंगल कटाई (कूप) स्वीकृति पर रोक की मांग* 
फरसगांव, जिला कोंडागांव के
ग्राम पंचायत मोहपाल के ग्रामीणों ने वन विभाग द्वारा ग्राम मोहपाल बीट की RF-203 (नवीन RF-1071) पर स्वीकृत जंगल कटाई (कूप) कार्य का कड़ा विरोध किया है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना ग्रामसभा की अनुमति के इस कार्य की शुरुआत संविधान के अनुच्छेद 243(G) तथा पंचायत (अनुसूचित क्षेत्र विस्तार) अधिनियम – PESA 1996 का खुला उल्लंघन है।
ग्रामसभा मोहपाल ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कहा कि संबंधित क्षेत्र ग्राम सभा मोहपाल के सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र के अंतर्गत आता है, जहां ग्रामीणों की खेती, चराई और आजीविका से जुड़ी गतिविधियाँ संचालित होती हैं। ऐसे में विभागीय कार्य केवल ग्रामसभा की अनुमति से ही किया जा सकता है।
ग्रामसभा ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक ग्रामसभा की स्वीकृति नहीं मिलती, तब तक किसी भी प्रकार की वन कटाई या निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
साथ ही ग्रामीणों ने मोहपाल बीट में पदस्थ वन सुरक्षा गार्ड सुश्री सरिता मरकाम को हटाने की भी मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके द्वारा ऋण पुस्तिका वितरण के दौरान प्रत्येक लाभार्थी से ₹300 की वसूली की गई। इसके अतिरिक्त बिना ग्रामसभा की अनुमति के वर्षा जल निकासी हेतु करीब ₹15 लाख की लागत से जेसीबी मशीन द्वारा मिट्टी कटाव रोकने का कार्य करवाया गया, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार का अवसर नहीं मिल पाया।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अप्रैल–मई माह में जंगल से नीलगिरी कटवाया गया और बड़ेडोंगर मार्ग पर छोटे पुलिया का निर्माण भी कराया गया, परंतु इन सभी कार्यों की जानकारी ग्रामसभा को नहीं दी गई।
प्रस्ताव पर ग्राम पंचायत मोहपाल के सरपंच, उपसरपंच, सचिव सहित ग्राम प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए हैं। आवेदन वन मंडलाधिकारी केशकाल को प्रेषित किया गया है।
ग्रामसभा में उपस्थित ग्रामीणों ने कहा —
> “हम अपने पारंपरिक वन क्षेत्र की रक्षा के लिए एकजुट हैं। बिना जनसहमति के कोई कार्य नहीं होने देंगे।”
ग्रामसभा मोहपाल को पहले से ही सामुदायिक वन अधिकार पत्र प्राप्त है, जिसके अंतर्गत ग्राम प्रबंधन समिति गठित है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग ने इसी समिति को दरकिनार कर मनमाने ढंग से कूप कटाई शुरू की है। विरोध स्वरूप ग्रामसभा ने इस कार्य पर तत्काल रोक लगाने तथा डीएफओ को लिखित सूचना भेजने का निर्णय लिया है।






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