
16 घंटे बिजली की मांग को लेकर केशकाल में जुटे किसान, प्रशासन की पहल से टला बिजली विभाग का घेराव
रिपोर्टर: इमरान पारेख
केशकाल। क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही लो-वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या को लेकर गुरुवार को बड़ी संख्या में किसान केशकाल पहुंचे। किसानों द्वारा बिजली विभाग का घेराव करने की तैयारी थी, लेकिन प्रशासन की सूझबूझ से स्थिति को संभाल लिया गया और बस स्टैंड केशकाल में ही किसानों एवं अधिकारियों के बीच चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया गया।
जानकारी के अनुसार किसानों ने सिंचाई के लिए प्रतिदिन 16 घंटे नियमित बिजली आपूर्ति की मांग रखी। किसानों का कहना है कि कम समय तक बिजली मिलने से खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे फसल को नुकसान पहुंच रहा है।
किसानों की समस्याओं को सुनते हुए प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारियों ने प्रारंभ में 12 घंटे बिजली देने का आश्वासन दिया, जिसमें सुबह 6 घंटे और रात में 6 घंटे बिजली आपूर्ति की बात कही गई।
बाद में बिजली विभाग के ए.ई. टेकाम ने किसानों से चर्चा करते हुए कहा कि व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं और सुबह 8 घंटे तथा रात में 8 घंटे बिजली देने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने किसानों से यह भी अनुरोध किया कि वे जबरन लाइन जोड़कर मोटर पंप का उपयोग न करें, क्योंकि इससे बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और आपूर्ति प्रभावित होती है।
वार्ता के दौरान किसानों ने अधिकारियों की बातों पर सहमति जताई, लेकिन साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 16 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो दो दिन बाद उग्र आंदोलन किया जाएगा।
किसानों ने अपनी मांग को लेकर ए.ई. टेकाम से 16 घंटे बिजली देने के संबंध में लिखित आश्वासन भी लिया।
हालांकि बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी के बावजूद प्रशासन और विभाग की सक्रियता से स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही और संभावित घेराव टल गया।






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