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मर्दापाल तहसील क्षेत्र की समस्याओं के समाधान को लेकर सीपीआई ने सौंपा ज्ञापन

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मर्दापाल तहसील क्षेत्र की समस्याओं के समाधान को लेकर सीपीआई ने सौंपा ज्ञापन

 

कोण्डागांव 17 जनवरी । नारायणपुर विधान सभा एवं कोण्डागांव जिले के तहसील मर्दापाल क्षेत्रांतर्गत आने वाले गांवों में निवासरत ग्रामीणजनों की समस्याओं का समाधान करने सहित अन्य महत्वपूर्ण मांगों सम्बन्धी प्रस्तुत ज्ञापन पर समय सीमा में उचित कार्यवाही करने विशयक एवं महामहिम राज्यपाल छत्तीसगढ़ को सम्बोधित ज्ञापन को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया जिला परिषद् कोण्डागांव के कम्युनिश्टों द्वारा मर्दापाल के साप्ताहिक बाजार षनिवार 17 जनवरी को ग्राम पंचायत के समीप मैदान से तहसील कार्यालय तक नारेबाजी के साथ रैली निकालकर तहसीलदार मर्दापाल को सौंपा गया।

सीपीआई द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में लेख किया गया है कि आदिवासी बाहुल्य बस्तर संभाग के कोण्डागांव जिले और नारायणपुर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मर्दापाल को तहसील मुख्यालय बनाकर जिले के पष्चिमी व संवेदनषील क्षेत्र में बसे ग्रामों को मिलाकर बनाए गए नवीन तहसील मर्दापाल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई ग्राम संवेदनषील एवं अतिसंवेदनषील क्षेत्र में बसे होने के कारण समय पर विकास कार्य नहीं होने से पिछड़े रह गए हैं। इस क्षेत्र के कई ग्रामों में निवासरत आदिवासी सहित अन्य जाति वर्ग के लोगों को वनाधिकार प्रपत्र नहीं मिला है। कई ग्रामों के सभी पारा-मोहल्लों में विद्युत नहीं पहुंच सका है। दुर्गम पहुंचविहीन क्षेत्र होने से लंबे समय से शिक्षा, संसाधन और रोजगार के अवसरों की दृष्टि से भी यह क्षेत्र सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा क्षेत्र है।

उपरोक्त संदर्भ में सीपीआई जिला परिषद् कोण्डागांव 01-पात्र होने के बावजूद भी वर्श 2008 से वर्तमान तक वनाधिकार प्रपत्र से वंचित सभी पात्र हितग्राहियों को वनाधिकार प्रपत्र जल्द से जल्द प्रदान किया जाए। 02-षासन की ग्रामीण विद्युतीकरण योजना से वंचित सभी ग्रामों के सभी पारा मोहल्लों एवं घरों में विद्युतीकरण जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाए। 03-क्षेत्र में सही षिक्षा व्यवस्था एवं आवष्यकतानुसार षिक्षक उपलब्ध नहीं करा पाने से उच्च षिक्षा से वंचित 10 वीं-12 वीं तक पढ़ सके स्थानीय षिक्षित बेरोजगारों को तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की होने वाली सभी नियुक्तियों में प्राथमिकता दिया जाए। 04-क्षेत्र में मिलने वाले गौण खनिजों एवं अन्य खनिज संपदा का उत्खनन एवं संचालन केवल स्थानीय सहकारी समितियों या सार्वजनिक उपक्रमों के माध्यम से कराया जाए। 05-चीट फंड कंपनियों में आम जनता द्वारा जमा किए गए राशियों को वापस दिलाया जाए। आदि स्थानीय समस्याओं के समाधान सहित अन्य महत्वपूर्ण मांगों का उल्लेख करते हुए उपर्युक्त सभी मामलों को सीधे स्थानीयजनों से जुड़े और जनहित के हैं, इसलिए सभी मांगों एवं समस्याओं को गम्भीरतापुर्वक संज्ञान में छत्तीसगढ़ षासन को एक समय सीमा निर्धारित करके त्वरित, ठोस एवं न्याय संगत कार्रवाई करने का निर्देष देने का आग्रह किया गया है।

वहीं यह भी लेख किया गया है कि सीपीआई कोण्डागांव के द्वारा पूर्व में भी जनहित की मांगों एवं समस्याओं का समाधान करने के सम्बन्ध में ज्ञापन प्रेशित किए जाते रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन मामलों पर गंभीरतापुर्वक विचार करता नजर नहीं आ रहा है। ऐसा ही रहा तो सीपीआई जिला परिषद् कोण्डागांव को जन समर्थन के साथ व्यापक जनांदोलन चलाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। रैली निकालकर ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान सीपीआई छत्तीसगढ़ राज्य परिशद् के सह सचिव फुलसिंग कचलाम, सचिव मंडल सदस्य तिलक, शैलेश (जिला सचिव), चैतराम कोमरा (जिला सचिव नारायणपुर), दिनेश (सह सचिव), जयप्रकाश (सह सचिव), बिसम्बर, काम.षिव षंकर, सुखलाल कोर्राम, बंटी विश्वकर्मा, काम.सोमारु, काम.लक्ष्मण, काम.दुबेष, चंदर, मंगतू, गणेश, सुखराम सहित अन्य कम्युनिस्ट व ग्रामीणजन काफी संख्या में उपस्थित रहे।