August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  

LIVE FM

CG24 Express

Latest Online Breaking News

भाजपा ने मुरिया दरबार का मजाक बनाया – पूर्व विधायक रेखचंद जैन

विज्ञापन बॉक्स 

संवाददाता योगेश गोस्वामी।   ।  जगदलपुर पूर्व विधायक व संसदीय सचिव रहे रेखचंद जैन ने कहा है कि मुरिया दरबार रियासत काल की प्रभावी व उल्लेखनीय व्यवस्था थी। इसमें स्थानीय ग्रामीणों की बात तथा शिकवा- शिकायतों को सुनकर शासन एवं प्रशासन के द्वारा जो नजीर पेश की जाती थी, वह समूचे राज्य में लागू होती थी लेकिन भाजपा की छत्तीसगढ़ सरकार ने इस महत्वपूर्ण प्रथा को महज रस्म अदायगी तक सीमित कर बस्तर के लाखों ग्रामीणों व बस्तर दशहरा पर्व में आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कार्य किया है। मंगलवार को यहां आयोजित मुरिया दरबार में अभिव्यक्ति देने मांझी- मुखिया, चालकी आदि बैठे रहे। जन समस्याओं को जानने का प्रयास नहीं किया गया। इससे इनके गांव, घर व क्षेत्र की परेशानी जस की तस बनी रहेगी। आदिवासियों को होने वाली समस्याओं को जानने का मंच मुरिया दरबार है लेकिन मुख्यमंत्री आए और अपना भाषण देकर चले गए।
*कांग्रेस के जन प्रतिनिधियों की उपेक्षा*
श्री जैन ने कहा है कि मुरिया दरबार में बस्तर के सभी जन प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने की परंपरा रही है। तुच्छ राजनीति के कारण भाजपा ने इसे भी खंडित किया है। बस्तर के किसी भी कांग्रेस के विधायक – सांसद को बुलाया नहीं गया था। यह जनादेश का अपमान तो है ही, ग्रामीणों की उपेक्षा की भाजपाई मानसिकता को भी दर्शाता है। आने वाले वक्त में जनता इसका जवाब देगी। पूर्व विधायक के अनुसार बस्तर दशहरा पर्व सभी समाजों व उसके प्रतिनिधियों के समन्वय का प्रतीक रहा है। रियासत काल से आज तक इसमें सर्व समाजों की भागीदारी रही है लेकिन भेदभाव के वशीभूत होकर भाजपा ने अपने अहंकार में इसे भी खंडित किया है। कांग्रेस के निर्वाचित जन प्रतिनिधियों की उपेक्षा इसका प्रमाण है।
*तीन हजार में गुजारा करके बताएं मुख्यमंत्री*
श्री जैन ने मीडिया को जारी बयान में कहा है कि दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी को प्रति माह केवल तीन हजार रुपये ही मिल रहे हैं। शासन- प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर यथोचित व मानव मूल्यों के मुताबिक वृद्धि करनी चाहिये। इस दिशा में सार्थक पहल एवं घोषणा न किए जाने से पुजारी परिवारों में निराशा है जिसका खमियाजा भाजपा को भोगना पड़ेगा। पूर्व विधायक ने कहा है कि इस दिशा में जब तक सार्थक पहल नहीं की जाती मुख्यमंत्री स्वयं तीन हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से खर्च करें। इससे उन्हें भी मंहगाई का भान होगा। जब सीएम समस्या जानेंगे तब पुजारी परिवार की परेशानी का निराकरण हो सकेगा।

You may have missed