Oplus_16908288

किसानों द्वारा लगाए गए जाम से केशकाल में यातायात प्रभावित, प्रशासन ने कराया समाधानकिसानों द्वारा लगाए गए जाम से केशकाल में यातायात प्रभावित, प्रशासन ने कराया समाधान
केशकाल में जिला सहकारी बैंक के सामने भारी वाहनों के कारण चक्का जाम की स्थिति निर्मित हो गई। जाम के दौरान किसानों में भारी नाराज़गी देखी गई। किसानों का आरोप है कि बैंक कर्मियों द्वारा उन्हें धमकी दी गई कि उनके खाते बंद कर दिए जाएंगे, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
किसानों ने यह भी बताया कि बैंक से नकद निकासी (Withdrawal) को लेकर उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसानों का कहना है कि यदि उन्हें किसी जरूरी काम के लिए 1 लाख रुपये की आवश्यकता होती है, तो बैंक से उन्हें केवल 20 हजार रुपये ही दिए जाते हैं। इससे कर्ज चुकाने, बच्चों की शादी, इलाज और अन्य निजी आवश्यकताओं में उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मामले की जानकारी मिलते ही केशकाल पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए किसानों को समझाइश दी। इसके बाद केशकाल तहसीलदार भी घटनास्थल पर पहुंचे और किसानों व बैंक प्रबंधन दोनों से बातचीत कर विवाद का समाधान कराया। तहसीलदार ने किसानों को आश्वस्त किया कि भविष्य में उनके साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से बैंक प्रबंधन को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसानों के साथ मर्यादित व्यवहार किया जाए। वहीं केशकाल पुलिस और तहसीलदार द्वारा यह भी समझाइश दी गई कि आगे किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या विवाद दोबारा न हो।
उल्लेखनीय है कि केशकाल घाट और नई सड़क निर्माण कार्य के चलते लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में केशकाल पुलिस पूरी मेहनत, लगन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ यातायात व्यवस्था संभाल रही है, जिसकी स्थानीय नागरिकों द्वारा सराहना की जा रही है।
केशकाल में जाम के दौरान किसानों और बैंक कर्मियों के बीच हुआ विवाद, प्रशासन ने कराया समाधान
केशकाल में जिला सहकारी बैंक के सामने भारी वाहनों के कारण चक्का जाम की स्थिति निर्मित हो गई। जाम के दौरान किसानों में भारी नाराज़गी देखी गई। किसानों का आरोप है कि बैंक कर्मियों द्वारा उन्हें धमकी दी गई कि उनके खाते बंद कर दिए जाएंगे, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
किसानों ने यह भी बताया कि बैंक से नकद निकासी (Withdrawal) को लेकर उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसानों का कहना है कि यदि उन्हें किसी जरूरी काम के लिए 1 लाख रुपये की आवश्यकता होती है, तो बैंक से उन्हें केवल 20 हजार रुपये ही दिए जाते हैं। इससे कर्ज चुकाने, बच्चों की शादी, इलाज और अन्य निजी आवश्यकताओं में उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मामले की जानकारी मिलते ही केशकाल पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए किसानों को समझाइश दी। इसके बाद केशकाल तहसीलदार भी घटनास्थल पर पहुंचे और किसानों व बैंक प्रबंधन दोनों से बातचीत कर विवाद का समाधान कराया। तहसीलदार ने किसानों को आश्वस्त किया कि भविष्य में उनके साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से बैंक प्रबंधन को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसानों के साथ मर्यादित व्यवहार किया जाए। वहीं केशकाल पुलिस और तहसीलदार द्वारा यह भी समझाइश दी गई कि आगे किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या विवाद दोबारा न हो।
उल्लेखनीय है कि केशकाल घाट और नई सड़क निर्माण कार्य के चलते लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में केशकाल पुलिस पूरी मेहनत, लगन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ यातायात व्यवस्था संभाल रही है, जिसकी स्थानीय नागरिकों द्वारा सराहना की जा रही है।






More Stories
खबर का हुआ असर: अब एक शिक्षक के भरोसे नहीं रहेगी 1 से 5वीं तक की पढ़ाई, अतिरिक्त शिक्षकों की हुई तैनाती
केशकाल में शुरू हुई सर्वसुविधायुक्त जल गुणवत्ता परीक्षण लैब, अब पानी जांच के लिए कोंडागांव जाने की जरूरत नहीं
*प्रशासनिक तंत्र की विफलता से फल-फूल रहा अवैध धान कारोबार* *किसानों से अधिक बिचौलियों को मिल रहा समर्थन मूल्य का लाभ*