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स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पर आरोप — बांसकोट में बिना अनुमति रोह, सिस्सम और नीम के पेड़ काटने की शिकायत

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स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पर आरोप — बांसकोट में बिना अनुमति रोह, सिस्सम और नीम के पेड़ काटने की शिकायत

 

केशकाल/कोंडागांव। ग्राम पंचायत बांसकोट में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी यशवंत नाग पर बिना किसी शासकीय अनुमति के रोह, सिस्सम और नीम सहित कई पेड़ों को काटे जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार कर्मचारी द्वारा इन पेड़ों को अपने निजी उपयोग और विक्रय के उद्देश्य से काटा गया।

 

मौके पर पहुंचे ग्रामवासियों ने जब पेड़ काटने पर आपत्ति जताई, तो यशवंत नाग ने दावा किया कि उन्हें वार्ड पंच इकतील द्वारा अनुमति दी गई है। हालांकि जब ग्रामीणों ने वार्ड पंच एवं सरपंच से जांच की तो उन्होंने किसी भी प्रकार की अनुमति दिए जाने से इंकार कर दिया।

 

ग्रामीणों ने मामले की जानकारी वन विभाग और राजस्व विभाग को भी दी, जहां दोनों विभागों ने स्पष्ट किया कि पेड़ कटाई के लिए न तो कोई आवेदन प्राप्त हुआ है, न ही किसी प्रकार की अनुमति जारी की गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पेड़ काटना पूर्णतः अवैध और नियम विरुद्ध तरीके से किया गया।

 

ग्रामीणों ने इस संबंध में स्वास्थ्य अधिकारी कोंडागांव को शिकायत पत्र सौंपकर पूरे मामले की जांच कर दोषी कर्मचारी के विरुद्ध सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी पर आरोप — बांसकोट में बिना अनुमति रोह, सिस्सम और नीम के पेड़ काटने की शिकायत

केशकाल/कोंडागांव। ग्राम पंचायत बांसकोट में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी यशवंत नाग पर बिना किसी शासकीय अनुमति के रोह, सिस्सम और नीम सहित कई पेड़ों को काटे जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार कर्मचारी द्वारा इन पेड़ों को अपने निजी उपयोग और विक्रय के उद्देश्य से काटा गया।

मौके पर पहुंचे ग्रामवासियों ने जब पेड़ काटने पर आपत्ति जताई, तो यशवंत नाग ने दावा किया कि उन्हें वार्ड पंच इकतील द्वारा अनुमति दी गई है। हालांकि जब ग्रामीणों ने वार्ड पंच एवं सरपंच से जांच की तो उन्होंने किसी भी प्रकार की अनुमति दिए जाने से इंकार कर दिया।

ग्रामीणों ने मामले की जानकारी वन विभाग और राजस्व विभाग को भी दी, जहां दोनों विभागों ने स्पष्ट किया कि पेड़ कटाई के लिए न तो कोई आवेदन प्राप्त हुआ है, न ही किसी प्रकार की अनुमति जारी की गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पेड़ काटना पूर्णतः अवैध और नियम विरुद्ध तरीके से किया गया।

ग्रामीणों ने इस संबंध में स्वास्थ्य अधिकारी कोंडागांव को शिकायत पत्र सौंपकर पूरे मामले की जांच कर दोषी कर्मचारी के विरुद्ध सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई की मांग की है।