
- एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का जल सत्याग्रह, कमेटी नहीं आदेश चाहिए के नारों से सरकार पर कसा तंज

कोण्डागांव, 9 सितंबर।
विगत 20 वर्षों से कार्यरत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्रदेशभर के 16 हजार से अधिक संविदा कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। लगातार पखवाड़े भर से आंदोलनरत ये कर्मचारी अब सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए नए-नए तरीकों से प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को कोण्डागांव जिले के 581 संविदा कर्मचारियों ने एनएच-30 पर स्थित बंधा तालाब में जलकुंभी भरे गंदे पानी में खड़े होकर जल सत्याग्रह किया।
इस दौरान कर्मचारियों ने कमेटी नहीं आदेश चाहिए और ग्रेड पे और जॉब सुरक्षा जैसे नारों से शासन को आड़े हाथों लिया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार बार-बार कमेटी बनाने का खेल खेल रही है, जबकि कर्मचारियों को ठोस निर्णय और नियमितीकरण की गारंटी चाहिए। छत्तीसगढ़ प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के उपप्रांत अध्यक्ष करण लावत्रे ने बताया कि अब तक 160 बार शासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन किसी भी मंत्री ने संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की व्यथा सुनने की कोशिश नहीं की। इससे आक्रोशित होकर कर्मचारी अहिंसक विरोध की राह पर मजबूर हैं और जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
कल होगी सवाल रैली
संघ के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि बुधवार को कर्मचारी सवाल रैली निकालेंगे, जो डीएनके कॉलोनी स्थित धरना स्थल से शुरू होकर बीजेपी कार्यालय तक पहुंचेगी। कर्मचारियों का कहना है कि सत्ता में आने से पहले बीजेपी नेताओं ने कहा था, हम ही बनाए हैं, तो हम ही सवारेंगे, लेकिन अब सवाल है कि संवारोगे कब?। यह सवाल प्रदेशभर के प्रत्येक संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी की ओर से शासन को संबोधित होगा।






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