
*चपरासी की अघोषित सत्ता: कोंडागांव जिला पंचायत में हड़कंप*

कोंडागांव जिला पंचायत में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, खीरराम नेताम, पिछले 10 वर्षों से जिला पंचायत की स्थापना शाखा में कुंडली मारकर बैठे हैं। उनकी मूल नियुक्ति ‘पिछड़ा वर्ग बालक छात्रावास’ में है, लेकिन वे जिला पंचायत में अघोषित सत्ता चलाते हैं। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने उन्हें उनकी मूल संस्था भेजने के निर्देश दिए थे, लेकिन रसूखदार नेताओं के फोन के कारण आदेश जारी नहीं हो पा रहा है [1]।






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