September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  

LIVE FM

CG24 Express

Latest Online Breaking News

बस्तर संभाग में यात्री सुविधा और मत्स्य *पाठ्यक्रम को लेकर विधायक लता उसेंडी ने विधानसभा में उठाई आवाज*

विज्ञापन बॉक्स 

 

 

बस्तर संभाग में यात्री सुविधा और मत्स्य पाठ्यक्रम को लेकर विधायक लता उसेंडी ने विधानसभा में उठाई आवाज

 

कोण्डागांव। विधानसभा सत्र के दौरान कोण्डागांव विधायक लता उसेंडी ने क्षेत्र के विकास, यात्री सुरक्षा और स्वरोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण जनसमस्याओं को जोरदार तरीके से सदन में उठाया। विधायक लता उसेंडी ने दो प्रमुख सवालों के माध्यम से सरकार का ध्यान बस्तर संभाग में यात्री परिवहन व्यवस्था और मत्स्य पालन शिक्षा की स्थिति की ओर खींचा।

 

बस परमिट और यात्री सुरक्षा पर सवाल

 

लता उसेंडी ने विधानसभा में पूछा कि रायपुर से बस्तर और दंतेवाड़ा रूट पर चलने वाली यात्री बसों की संख्या, परमिट की वैधता, रूट और समय-सारणी की जानकारी दी जाए। उन्होंने जानना चाहा कि गत दो वर्षों में इन रूटों पर कितने यात्री बस हादसे हुए हैं, जिनमें कितने लोग घायल हुए या मृत्यु को प्राप्त हुए। इसके अलावा उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय किए गए हैं? क्या कोई हेल्पलाइन नंबर यात्रियों की सहायता के लिए जारी किया गया है और यदि हां, तो अब तक कितनी शिकायतें दर्ज की गई हैं व उनका समाधान क्या हुआ है?

 

सरकार की ओर से जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि पूछे गए अवधी में कुल 73 बस दुर्घटनाओं की जानकारी दर्ज है, जिनमें 169 व्यक्ति घायल और 32 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। हालांकि, घायलों और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान नहीं की गई। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि, महिला सुरक्षा मोटरयान नियम 1994 के तहत प्रावधानों के अनुसार ही परमिट जारी किया जाता है, परंतु विभाग द्वारा अब तक कोई हेल्पलाइन नंबर जारी नहीं किया गया है।

 

मत्स्य पालन पाठ्यक्रम और स्वरोजगार पर सवाल

 

दूसरे सवाल में लता उसेंडी ने बस्तर संभाग में मत्स्य पालन विषय को लेकर कॉलेज या विश्वविद्यालयों में चलने वाले पाठ्यक्रमों की संख्या, उसमें दाखिल विद्यार्थियों की संख्या, कितने रोजगार में जुड़ सके और कितना प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया, इस संबंध में जानकारी मांगी।सरकार की ओर से दिए गए उत्तर में बताया गया कि प्रदेश में डीएफ एससी पाठ्यक्रम में अब तक 465 विद्यार्थी उत्तीर्ण हो चुके हैं, जिनमें से 70 विद्यार्थियों को मत्स्य निरीक्षक या सहायक मत्स्य अधिकारी के रूप में मत्स्य पालन विभाग में रोजगार मिला है। बस्तर संभाग में हालांकि अब तक मत्स्य पालन विषय पर कोई पाठ्यक्रम नहीं चलाया जा रहा है, न ही फिलहाल कोई योजना प्रस्तावित है।

 

स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात

 

सरकार ने यह भी बताया कि मत्स्य पालन पाठ्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा निजी क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। मत्स्य पालन नीति 2022 के तहत तालाब या जलाशयों की पट्टा आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।

 

You may have missed