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*कोंडागांव जिले के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत बहुत खराब*

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*कोंडागांव जिले के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत बहुत खराब*

 

कोंडागांव जिले के ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत बहुत खराब है, खासकर हरवेल उप स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति चिंताजनक है। यह केंद्र वर्षों से जर्जर अवस्था में है और अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। हालात इतने बदतर हैं कि भवन की खस्ताहाल स्थिति के कारण उस पर ताला लगा दिया गया है और स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन अब आंगनबाड़ी केंद्र से किया जा रहा है।

 

*समस्याएं:*

 

– *जर्जर भवन*: हरवेल उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन खस्ताहाल स्थिति में है, जिससे स्टाफ और मरीजों की सुरक्षा खतरे में है। भवन की दीवारें दरक रही हैं और छत कभी भी गिर सकती है।

– *सुविधाओं की कमी*: ग्रामीणों को संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, मलेरिया जांच, बीपी-शुगर की जांच और इलाज, टीबी स्क्रीनिंग, नेत्र परीक्षण जैसी जरूरी सेवाओं से वंचित होना पड़ रहा है। इसके कारण ग्रामीणों को मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, जो उनके लिए आर्थिक रूप से बहुत बोझिल है।

– *स्टाफ की कमी*: स्वास्थ्यकर्मी आंगनबाड़ी केंद्र में बैठकर काम करने को मजबूर हैं और स्टाफ निजी मकानों में किराए से रह रहा है, जिससे रात्रिकालीन आपात सेवाएं नहीं दी जा पा रही हैं। इसके कारण गंभीर मरीजों को इलाज के लिए दूर के अस्पतालों में जाना पड़ता है, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ जाती है।

 

*मांगें:*

 

– *नए भवन का निर्माण*: हरवेल उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए नए भवन का निर्माण किया जाना चाहिए। नए भवन में सभी आवश्यक सुविधाएं होनी चाहिए, जैसे कि ऑपरेशन थिएटर, लैब, दवा वितरण कक्ष आदि।

– *संसाधनों की पूर्ति*: आवश्यक संसाधनों और स्टाफ की पूर्ति की जानी चाहिए, जिससे ग्रामीणों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। स्टाफ की भर्ती के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।

– *मरम्मत*: यदि नए भवन का निर्माण जल्द नहीं हो सकता है, तो कम से कम भवन की मरम्मत की जानी चाहिए ताकि स्टाफ और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। मरम्मत कार्य में भवन की संरचना को मजबूत करना, बिजली और पानी की व्यवस्था करना आदि शामिल होना चाहिए।

 

*कार्रवाई:*

 

– *प्रस्ताव भेजा गया*: जिले में कुल 173 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिनमें से कई जर्जर स्थिति में हैं। शासन को सभी जर्जर और अति-जर्जर भवनों की सूची भेजी गई है और हरवेल सहित कई केंद्रों के लिए नए भवन निर्माण हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। अब देखना होगा कि शासन इस प्रस्ताव पर कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करता है।

– *सीएमएचओ का बयान*: डॉ. आरके सिंह, सीएमएचओ ने कहा है कि जहां केंद्र चल रहा है, वहां पर सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने कहा कि शासन को इस गंभीर समस्या पर ध्यान देना चाहिए और आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

 

*अब देखना होगा कि शासन इस गंभीर समस्या पर कितनी शीघ्रता से संज्ञान लेता है और आवश्यक कदम उठाता है।* ग्रामीणों को उम्मीद है कि शासन उनकी समस्याओं को समझेगा और जल्द ही समाधान निकालेगा। लेकिन अगर जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो ग्रामीणों को मजबूरन आंदोलन का रुख करना पड़ सकता है।