
नक्सल उन्मूलन मिशन ‘कगार-2026’
अबूझमाड़ में आईटीबीपी के बढ़ते कदम

29 मार्च, 2025।
सामरिक क्षेत्रीय मुख्यालय (भुवनेश्वर) आईटीबीपी कोण्डागांव के नियंत्रणाधीन सभी वाहिनियां नक्सल प्रभावित जिले नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में सशक्त उपस्थिति दर्ज कर रही हैं। डीआईजी राणा युद्धवीर सिंह अबूझमाड़ के दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण इलाकों में आईटीबीपी द्वारा स्थापित किए जा रहे नए कैंपों की अगुवाई कर रहे हैं। वे सभी अभियानों को फ्रंट से लीड करते हुए जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं।
इसी कड़ी में 41वीं वाहिनी आईटीबीपी कोण्डागांव द्वारा अबूझमाड़ इलाके में हाल ही में स्थापित कैंप बेडमाकोटी से लगभग 5 किमी आगे पदमकोट में एक नया कैंप स्थापित किया गया है। घने जंगलों से घिरे इस सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र में आईटीबीपी की उपस्थिति से स्थानीय जनता में उत्साह है, जिससे वे स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। आईटीबीपी के इस विस्तार से नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और उनके इरादों पर प्रभावी रोकथाम होगी।
डीआईजी राणा युद्धवीर सिंह ने कहा कि पदमकोट कैंप में स्थानीय आबादी को चिकित्सा सेवाओं सहित विभिन्न जनसुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने इस मिशन में निरंतर मार्गदर्शन देने के लिए सेंट्रल फ्रंटियर मुख्यालय के आईजी ओपी यादव का आभार व्यक्त किया। साथ ही, 41वीं वाहिनी के सेनानी नरेंद्र सिंह और उनकी टीम को अल्प समय में नई सीओबी (कंपनी ऑपरेटिंग बेस) पदमकोट स्थापित करने पर सराहना दी।
इसके अलावा, उन्होंने सुंदरराज पी, पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, अमित कामले, डीआईजी, कांकेर रेंज, प्रभात कुमार, पुलिस अधीक्षक, नारायणपुर, डीआरजी और छत्तीसगढ़ पुलिस की टीमों के सक्रिय सहयोग के लिए उनका आभार जताया। इस अवसर पर 53वीं वाहिनी के सेनानी अमित भाटी और 45वीं वाहिनी के सेनानी राजीव गुप्ता भी उपस्थित रहे।






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