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*कोहकामेटा संकुल ने नए शिक्षकों एवं सेवानिवृत नारद वटटी का किया सम्मान*

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*कोहकामेटा संकुल ने नए शिक्षकों एवं सेवानिवृत नारद वटटी का किया सम्मान*

केशकाल। केशकाल विकासखंड अंतर्गत समग्र शिक्षा संकुल कोहकामेटा एवं गुडरीपारा के अंतर्गत इस वर्ष आने वाले नए शिक्षको का सम्मान पुष्प गुच्छ एवं भेंट प्रदान कर किया गया.. जहा उन्होंने अपना परिचय दिया कहा कि बस्तर मे हमारी पद स्थापना हमारा सौभाग्य है. साथ ही 40 वर्षो तक आ जा क विभाग मे अपनी सेवा दे चुके प्रधानाध्यापक नारद सिंह वट्टी के सेवानिवृत होने पर शानदार विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कोहकामेटा संकुल में हुए इस कार्यक्रम में समस्त शिक्षक स्टाफ सम्मिलित हुए एवं नारद वट्टी सर को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर एल डी दुबे कोहकामेटा , मनी राम कुंजाम गुडरीपारा, शंकुतला कुदराम गौरगांव ने वटटी सर के शिक्षकीय जीवन पर प्रकाश डाला! इसी क्रम मे शंकुतला कुदराम ने कहा कि 1984 मे जब बस्तर संभाग एक जिले के रूप मे था तब भैरमगढ जैसे स्थान को काला पानी कहा जाता था तब वटटी सर ने वहा पदस्थ रहकर कार्य किया. जो बधाई के काबिल है. तब संचालन कर्ता लोकेश गायकवाड़ ने कहा कि दण्डकारय बस्तर जहा प्रभु श्री राम ने अपने वनवास काल का समय व्यतीत किये. वही आज मुझे रहते 56 वर्ष बीत गये और मैने एक ही विकासखंड मे 32 वर्षों तक शिक्षकीय कार्य किया है। अतः मै अपने आप को सौभाग्य शाली मानता हू । संकुल प्राचार्य शोभाराम सिंहा ने नए शिक्षकों का स्वागत करते हुए उन्हें नारद वटी के सेवाकाल के बारे में बताकर शिक्षा के प्रति समर्पण एवं कार्य का अनुसरण करने हेतु प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का संबध बच्चो से स्टाफ से गांव वालो से कैसा होना चाहिए.. सभी वट्टी सर से सीखे तथा संकुल में अब पर्याप्त शिक्षक होने से शैक्षणिक स्तर को सुधारने एवं शिक्षा के क्षेत्र में संकुल को आगे बढ़ाने हेतु सभी शिक्षकों से आह्वान किया गया। इसके बाद वट्टी सर ने अपने शिक्षकीय कार्य की सम्पूर्ण जानकारी दी व कहा कि शिक्षक बनना बडे सौभाग्य की बात होती है. और मैने अपना जीवन बच्चो की अच्छी शिक्षा मे लगाया है. तथा आज आप सभी के सहयोग से यह कार्य पूर्ण कर लिया है। इस बीच मेरे किसी कार्य से वाणी से किसी भी साथी को पीड़ा हुई हो तो मै माफी चाहूंगा । अंत मे दोनो ही संकुल के सभी साथियो की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। बिदाई समारोह का सफल संचालन लोकेश गायकवाड़ व्याख्याता ने किया। आयोजन की सफलता मे प्राथमिक, माध्यमिक व हाईस्कूल के प्रत्येक शिक्षक व शिक्षको का सहयोग सराहनीय रहा।