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बस्तर पंडुम 2026 के माध्यम से जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं को मिला नया मंच*

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अकरम कच्ची की रिपोर्ट

*जिला कोंडागांव

*बस्तर पंडुम 2026 के माध्यम से जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं को मिला नया मंच*

 

*केशकाल में दो दिवसीय विकासखंड स्तरीय बस्तर पंडुम संपन्न*

 

*कोंडागांव, 21 जनवरी 2026/* जनजातीय बहुल बस्तर अंचल की समृद्ध लोक परंपरा, कला, संस्कृति और जीवनशैली को संरक्षित एवं संवर्धित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा प्रारंभ किए गए बस्तर पंडुम कार्यक्रम के अंतर्गत “बस्तर पंडुम 2026” का भव्य आयोजन जनपद पंचायत केशकाल में किया गया। यह आयोजन 18 जनवरी 2026 से 19 जनवरी 2026 तक दो दिवसीय जनपद स्तरीय प्रतियोगिता के रूप में संपन्न हुआ। जिसका उद्देश्य बस्तर संभाग की स्थानीय कला एवं संस्कृति, परंपरा, लोककला, शिल्प, तीज-त्योहार, खानपान, बोली-भाषा, रीति-रिवाज, वेश-भूषा, आभूषण, वाद्य यंत्र, पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत, नाट्य, व्यंजन, पेय पदार्थ, आंचलिक साहित्य तथा वन औषधियों के मूल स्वरूप का संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार करना है। साथ ही जनजातीय कला समूहों को सतत विकास के अवसर उपलब्ध कराते हुए कलाकारों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करना भी इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य रहा।

राज्य शासन द्वारा वर्ष 2025 से बस्तर संभाग की लोक परंपरा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बस्तर पंडुम कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत कुल 7 प्रकार की विधाओं को शामिल किया गया था, जबकि वर्तमान वर्ष में इसे और अधिक विस्तार देते हुए कुल 12 प्रकार की विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें जनजातीय नृत्य, जनजातीय गीत, जनजातीय नाट्य, जनजातीय वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन, जनजातीय वेश-भूषा का प्रदर्शन, जनजातीय आभूषणों का प्रदर्शन, जनजातीय शिल्प का प्रदर्शन, जनजातीय चित्रकला का प्रदर्शन, जनजातीय व्यंजन एवं पेय पदार्थों का प्रदर्शन, आंचलिक साहित्य का प्रदर्शन तथा बस्तर क्षेत्र में पाई जाने वाली पारंपरिक वन औषधियों का प्रदर्शन शामिल रहा।

बस्तर पंडुम 2026 के जनपद स्तरीय इस आयोजन में ग्राम पंचायत स्तर से महिला 107 एवं पुरुष 275 सहित कुल 382 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपनी पारंपरिक कला, संस्कृति और लोक जीवन से जुड़े विविध रंगों का सजीव प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित प्रतिभागी आगामी जिला स्तरीय प्रतियोगिता में जनपद केशकाल का प्रतिनिधित्व करेंगे।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा जनजातीय समाज की परंपरा, संस्कृति और पहचान को संरक्षित एवं सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से न केवल आदिवासी लोक संस्कृति को मंच मिल रहा है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी कार्य हो रहा है। यह आयोजन जनजातीय कलाकारों के आत्मसम्मान, पहचान और आजीविका को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रहा है।

 

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद पंचायत केशकाल की अध्यक्ष श्रीमती नंदिनी पोयाम उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में जनपद सदस्य श्रीमती हिरमी कुंजाम, श्री सुरेश कोर्राम, जिला पंचायत सदस्य श्री कपिल कांत नाग, जिला पंचायत सदस्य श्री राजेश नाग, सरपंच ग्राम पंचायत टाटागांव श्रीमती राजनी मरकाम, ग्राम पंचायत डोंडालपार से श्री निर्मल कुमार मझवार, ग्राम पंचायत खालिंगखुंड से श्री राहुल सलाम, ग्राम पंचायत गोरगांव से श्रीमती सुनीता कावड़े, ग्राम पंचायत रावबेड़ा से श्री मयाराम मझवार, ग्राम पंचायत जामगांव से श्री सुरेंद्र कुमार कश्यप, ग्राम पंचायत कसई से श्रीमती एकलेश्वरी मझवार, ग्राम पंचायत तोड़ासरी से श्रीमती देवयांति गावड़े, ग्राम पंचायत बिनागांव से श्री हिरू राम शोरी, ग्राम पंचायत तमनार से श्रीमती संगीता मझवार सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।